दिनेशपुर में नवमी पूजन, सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा को दी विदाई Navami Puja and Sindoor Khela Mark Maa Durga’s Farewell in Dineshpur

 

नवमी पर हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन, विजयदशमी पर महिलाओं ने खेली सिंदूर की होली; ‘राखल बंधु’ जात्रा गान के मंचन के साथ पांच दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन

रिपोर्ट: मनोज अधिकारी | स्मार्टTvन्यूज़

दिनेशपुर। दिनेशपुर नगर समेत कालीनगर, जगदीशपुर, हरिदासपुर, धर्मनगर और आसपास के क्षेत्रों में पांच दिवसीय शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। 20 अक्टूबर को नवमी पूजन के अवसर पर दुर्गा मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। वहीं, 21 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार सिंदूर खेला कर मां को भावभीनी विदाई दी। विजयदशमी की रात्रि दिनेशपुर नगर में बंगाली समाज के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ‘राखल बंधु’ जात्रा गान का मंचन भी किया गया।

नवमी पूजन के दिन दिनेशपुर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज और समस्त विश्व की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। पूजन के बाद वार्ड नंबर पांच के दीप युवा शक्ति संगठन की ओर से मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कालीनगर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भी हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ। जगदीशपुर, धर्मनगर और हरिदासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

विजयदशमी पर सिंदूर खेला, मां को दी विदाई

विजयदशमी के दिन मंदिरों में मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद परंपरा के अनुसार दर्पण विसर्जन की रस्म निभाई गई। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। इसके पश्चात महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर की होली खेली। लाल सिंदूर से सजे चेहरों और मां के जयकारों के बीच मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

बंगाली परंपरा के अनुसार दशमी के दिन मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी जाती है। मान्यता के अनुरूप मां दुर्गा पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच पांच दिन बिताने के बाद कैलाश के लिए प्रस्थान करती हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की। पांच दिनों तक चले महोत्सव के दौरान विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

रात्रि में ‘राखल बंधु’ जात्रा गान का मंचन

विजयदशमी की रात्रि दिनेशपुर नगर में बंगाली समाज के प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ‘राखल बंधु’ जात्रा गान का मंचन किया गया। पारंपरिक बंगाली लोकनाट्य और संगीत से सजे इस कार्यक्रम ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। जात्रा गान बंगाली समाज की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस आयोजन के साथ दुर्गा पूजा महोत्सव में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम देखने को मिला।

समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

इस अवसर पर दिनेशपुर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष सरोज मंडल, कालीनगर दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष निरापद शाह, जगदीशपुर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अमित कुमार, हरिदासपुर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रमेन हालदार, पिपलिया दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष ओमियों विश्वास सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन के सफल संचालन में समिति सदस्यों और स्थानीय लोगों का सहयोग रहा।

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