पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध, कहा— “दिनेशपुर में मरीज डॉक्टर को ढूंढ रहे हैं”
दिनेशपुर (स्मार्टTvन्यूज़)।उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र का एकमात्र सरकारी अस्पताल श्री पुलिन विश्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जो सन 1965 में स्थापित हुआ था, इन दिनों डॉक्टरों की भारी कमी और अव्यवस्था से जूझ रहा है। लगभग ढाई लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र के इस अस्पताल में इस समय एक भी स्थाई डॉक्टर तैनात नहीं है। हर दिन 100 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, लेकिन यहां न तो कोई एमबीबीएस पुरुष डॉक्टर है और न ही महिला चिकित्सक (गायनेकोलॉजिस्ट)। परिणामस्वरूप मरीजों को इलाज के बिना ही रुद्रपुर या हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है, जिससे लोगों में नाराज़गी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

सुबह 10 बजे अस्पताल गेट पर कांग्रेस का धरना
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज सुबह करीब 10:00 बजे अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अस्पताल में डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की मांग की।
पूर्व विधायक महाजन ने कहा कि— “भाजपा सरकार का दावा है कि राज्य में डॉक्टरों की भर्ती बड़ी संख्या में की गई है, लेकिन दिनेशपुर में हालत बिल्कुल उलट है। यहां मरीज डॉक्टर को ढूंढ रहे हैं, जबकि सरकार कागजों पर स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की बात कर रही है।”
उन्होंने यह भी बताया कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में इस अस्पताल में एक गायनेकोलॉजिस्ट की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उसके बाद से अब तक कोई डॉक्टर तैनात नहीं किया गया।

अस्पताल की जर्जर हालत पर भी उठी आवाज़
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अस्पताल काफी जर्जर स्थिति में है और उसकी उच्चीकृत (अपग्रेडेशन) को लेकर कई बार मांग भी की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ज्ञापन सौंपा गया, सीएमओ को बुलाया गया
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) से फोन पर बातचीत की।
जानकारी के अनुसार, सीएमओ को कल दिनेशपुर बुलाया गया है, ताकि इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान निकाला जा सके।
जनता में आक्रोश, तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का ठप होना गंभीर लापरवाही है। जनता की मुख्य मांग है कि—
- अस्पताल में कम से कम एक एमबीबीएस डॉक्टर,
- एक महिला चिकित्सक (गायनेकोलॉजिस्ट),
- और पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की तत्काल नियुक्ति की जाए।
निवासियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक तेज़ किया जाएगा। यहाँ पर कांग्रेसी तारक बाछाड़, प्रेम सिंह, नारायण हालदार, श्रीनाथ विश्वास, सुभास बेहड़, किशोर हालदार, आशुतोष राय, जगन्नाथ सरकार सुमित सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।













